Saturday, January 28, 2017
फिल्म समीक्षा रईस
Monday, January 9, 2017
कैशलेस
आई ठंडा में ठिठुरत ठिठुरत मन भेल की किछ लिखल जाय । जखन हमरा कंबल ओढ़ने अतेक जाड़ लगई अ त मुदा गरीबहा के की हाल हेतई ओना त हमहूँ गरीबे छी मुदा कोनो विश्वास नई करई आ । मोदी जी के धनबाद देवाक् चाही की नोटबंदी कराक् लोग के खर्चा घटवाक देलखीन । अब लोग बचा बचा क पाई खर्च करई आ कियाक् अब बैंक/एटीएम से कहीया निकलत कोनो ठिकाना नई । ग्रामीण क्षेत्र में अखनो बैंक म नकदी के दिकदारी चल रहल छई । टाउन में कोनो परेशानी नई अई एटीएमों में धकाधक पाई निकलई आ । टाउन में लोग के पास बहत्तर को उपाय छई कैशलेस बने के क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, एटीएम, पेटीएम,पी ओ एस मशीन, मोबाइल वैलेट आदि । आ ग्रामीण क्षेत्र में उहे एगो सरलका ग्रामीण बैंक के ब्रांच जेकर मैनेजर आ कैशिअर के हर दम मुँहे सुखायल रहई छई । कुँअहासा के दिन में उगल धूप जका बैंक में कैश अबई आ । ऊहो में बड़कहवा सब पहलेही अप्पन नम्बर लगेने रहई आ । जे बचल खुचल गरीबहा के भेंटल ऊहे में केनहऊतो गुजारा चल रहल छई । ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम के शटर त राहुल बाबा जनाक् कहीया खुलई आ कहीया बंद होअई बुझबे नई करई छी । कैशलेस के फेरा में कतेक क त कपारो के केस उड़ रहल अछी । मुदा जे भेल नीके भेल । आब जेही विधी राखे राम आ मोदी जी ।
Friday, December 18, 2015
झंडी लग जाई
#भोजपुरी #झंडी लग जाई हम हिया उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिला में निघासन ब्लॉक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में काम करत बानी । समूह से जुड़ल कुछ मेहरऊआ सब जिनका आजीविका के बारे में अधकचरा ज्ञान बा आ कोनो अफवाह में पड़ल बानी एगो बात उनका से सुने ला मिलल -"झंडी लग जाई अगर सरकार के पैसा न लौटायब " हमरा समझ में आएल की इ झंडी झंड के स्त्रीलिंग बा ? उ रवि किशन के एगो फ़िलीम में डाइलॉग रहे न "जिंदगी झंड बा तहियो घमंड बा " उहे वाला झंड के स्त्रीलिंग बा झंडी । हम एकदम कंफुजिया गेल रहनी तब जाके एगो लोकल आदमी से पूछनी 'इ झंडी का होता हैं ?' पहले उ ऊपर से नीचे ऐसे ताके लगल जैसे हम कोनो अपराध कर देले बानी फेर पुछलस कहाँ से हो भइया ? हमहू धीरे से कहनी बिहार से । तब जाके उ समझावे लगल हिया कोनो के ऊपर सरकारी बकाया रहेला ता ओकरा चेतावनी देवे खातिर ओकर दुआरी पर तहसीलदार लाल झंडी लगावत बारे ओकरे कहल जाला "झंडी लग गेल" । हम अप्पन माथा पकड़नी की धत् तोरी के इ त झंडा के स्त्रीलिंग बा झंडी आ हम झंड के समझत रहनी ☺ हमहू समूह के दीदी सब के समझा देनी कि तोरा सब के झंडी न लागी गरीबी दूर भागी #स्वयं सहायता समूह #प्रेरणा #एन आर एल एम्
Friday, September 4, 2015
चोला माटी के राम
वार किसी चीज कि कोई कमी नहीं । मंगलवार कि सुबह मुझे जगने में थोडी देर हो गई चूँकी सोमवार को बाइक चलाके पटना से आए थे और दिन भर पूरा क्षेत्र भी भ्रमण किए थे । आईंदा बाबा के साथ साथ हम भी उठ जाते थे । करीब साढे पाँच- छ: के बीच का समय था बगल में हो हल्ला हो रहा था , हम अपना बिस्तर समेत रहे थे तभी बूढी आयी दुआरी पर बोली -देखू त झाजी मालिके के आवाज बुझाई छै झगडा होई छै कि ? हम बाडी में देखे तो बाबा ही नजर आए । हम आके बूढी को बता दिए मालिके हैं । मामला था कि इन्होनें घर के बगल में बाडी मे माटी भरवाया था ,बगल के जमीन वालों से झंझट था पुराना ,बगलवाले ने कुछ माटी अपनी ओर पसार लिया और नाला भी खान दिया था इसी बात का झगडा था । उधर से भी एक बूढी औरत थी दोनों तरब से बाता बाती होते होते बात बढ गयी । बाबा जोर जोर से गरज रहे थे ,बगल वाली बूढिया को डाँट डपट कर वो जैसै ही वापस अपने आँगन आ रहे थे कि चप्पल में धोती फँसी और वो गिर कर अचेत हो गए । उस समय हम अपने चौकी पर बैठकर पानी पी रहे थे तभी बूढी(मालिक कि पत्नी) जो खिडकी से सारा नजारा देख रही थी चिल्लाउ दौउडी हे झाजी मालिक गिर गेलथीन । हम दौड कर गए और गाँववालों कि सहायता से बाबा को उठा कर लाए ,देखने से लगा कि इनका हार्ट अटैक हुआ या ब्रेन हेमरेज हुआ है । बूढी के साथ साथ गाँव के लोग भी अपने स्तर से कोशिश कर रहे थे ,मैनैं अपनी बाईक निकाली और गाँव के एक डॉक्टर को पकड कर लाये ,उन्होंने देखते ही बता दिया नहीं रहे । फिर भी मन में संतोष नहीं हो रहा था , गाँववालों को बोले एक चार चक्का गाडी का इंतेजाम किजीए तब तक बाबा के बेटों को भी फोन कर दिए । एक आदमी बोलेरो लेकर आए उसमें बाबा और बूढी को बैठाकर हम पीछे से अपनी बाईक से चले ,रास्ते में ही उनके बेटा पोता भेंट हो गए । मुजफ्फरपुर में एक निजी क्लीनीक में ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दीया । वापस हमलोग लाश लेकर गाँव आ गए । कुछ ही घंटो में घर में रिश्तेदारों कि भीड लग गयी । शाम को दाँह संस्कार हुआ । मेरा तो दिमागे सुन्न हो गया था कि ये क्या होगा थोडी सी माटी के ढेला के लिए किसी की जान चली गयी । सच ही कहा गया है चोला माटी के राम ।
Friday, August 21, 2015
जंगलराजकियादें
Friday, August 14, 2015
बोल जय श्री राम
Saturday, March 31, 2012
प्रधान मंत्री गौण जनता मौन मीडिया सरकार का चमचा तो देश चलाएगा कौन ???????????
घोटाले पे घोटाले हो रहे , महगाई बढ़ रही , आम आदमी पिस रहा, नेता लोग संपत्ति दिन दुनी और रात चौगुनी बढती ही जा रही ,आम आदमी को कमाने -खाने से फुर्सत कहा जो आन्दोलन करे ,
अन्ना हजारे, बाबा रामदेव के नेत्रित्व में कुछ लोग आगे आये तो सांसदों को अपना अपमान लगने लगा
अपमान तो तब होता है जब देश के ७०% आबादी आधी पेट खा कर रहती है . और नेता आराम से संसद के कैंटीन में आधे से भी कम दामो में चटखारे लगाते है .
ये देश की गरीब जनता का दुर्भाग्य ही है की आज़ादी के ६५ सालो के बाद भी उन्हें ढंग से रोटी , कपडा और मकान नसीब नही है ?
वही दूसरी तरफ नेता लोग राजनीती कर के मालो माल हो रहे और अपने बच्चो को भी इस फायदे के सौदे में ला रहे है ,
गरीबी हटाओ योजना पे अब तक अरबो खर्ज हो चुके लेकिन गरीबी नही हटी ?
देश में अब तक एक भी भ्रस्ताचारी को फांसी नही हुई है ?
वोट बैंक के लिए आतंकवादियों को पाला जा रहा है ?
सरकार बचाने के लिए गठबंधन धर्म की मजबूरी बता जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है ?
बड़े उद्योग पतियों को रियायत दे कर सरकार सब्सिडी घटा जनता पे महगाई लादी जा रही है
बेरोज गारो की जो फ़ौज खड़ी है सरकार को दिख नही रही है ?
नक्सली लगातार हमारे जवानों को मार रहे और सरकार हाथ पे हाथ धरे बैठी है ?
ये कब तक चलता रहेगा ?